रेडियो और डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए टीकाकरण और गैर संचारी रोगों पर जनस्वास्थ्य संचार होगा मजबूत

Public health communication on vaccination and non-communicable diseases will be strengthened through radio and digital platforms.
Public health communication on vaccination and non-communicable diseases will be strengthened through radio and digital platforms.
  • टीकाकरण और गैर-संचारी रोगों पर नवाचारी संदेशों के लिए जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के छात्रों और रेडियो जॉकी के साथ साझेदारी

नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2026

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में, सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (CIE), दंत चिकित्सा संकाय और यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से 24 और 25 अप्रैल 2026 को दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया। कार्यशाला का उद्देश्य रेडियो और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से टीकाकरण और गैर-संचारी रोगों (NCDs) पर जनस्वास्थ्य संचार को मजबूत करना था।

इस कार्यशाला में जामिया के विभिन्न विभागों जैसे दंत चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं अस्पताल प्रबंधन, हिंदी जनसंचार, मीडिया, संस्कृति एवं शासन, डिजिटल मार्केटिंग, CIE और निजी एफएम स्टेशनों के रेडियो जॉकी तथा जामिया रेडियो प्रमुख सहित 30 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। प्रो

प्रो. मज़हर आसिफ, माननीय कुलपति, जामिया मिलिया इस्लामिया ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान सार्थक सहयोगों के माध्यम से ज्ञान को व्यवहार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसी पहलें छात्रों को टीकाकरण और NCD जैसे जनस्वास्थ्य विषयों से जुड़ने और साक्ष्य-आधारित संचार विकसित करने में सक्षम बनाती हैं।

प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी, रजिस्ट्रार, जामिया मिलिया इस्लामिया ने कहा कि सहयोगात्मक शैक्षणिक प्लेटफॉर्म अनुभवात्मक शिक्षा और सामाजिक जुड़ाव के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी पहलें छात्रों को ज्ञान को प्रभावी संचार में बदलने और आधुनिक मीडिया के माध्यम से पहुंच बढ़ाने में सक्षम बनाती हैं। विश्व टीकाकरण सप्ताह 2026 की थीम “हर पीढ़ी के लिए, वैक्सीन काम करती है,  के अनुरूप, कार्यशाला ने जीवनभर व्यक्तियों और परिवारों की सुरक्षा में टीकों की भूमिका को दोहराया। साथ ही बच्चों और किशोरों में NCDs से निपटने के लिए रोकथाम, प्रारंभिक जागरूकता और स्वस्थ व्यवहारों के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित किया।

ज़फरिन चौधरी, प्रमुख संचार, वकालत और साझेदारी, यूनिसेफ इंडिया ने कहा कि भारत का टीकाकरण कार्यक्रम हर साल लाखों बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुँचता है। वैक्सीन हर पीढ़ी की रक्षा करती है और समानता का एक महत्वपूर्ण संकेतक बनी रहती है। गैर-संचारी रोगों के लिए प्रारंभिक ध्यान, जागरूकता और देखभाल आवश्यक है। जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे साझेदारों के साथ काम करना और युवाओं को रेडियो व डिजिटल मीडिया जैसे प्लेटफॉर्म पर जोड़ना स्वस्थ व्यवहारों की समझ और जागरूकता को आगे बढ़ा सकता है।”

डॉ. नांदे पुट्टा, स्वास्थ्य प्रमुख, यूनिसेफ इंडिया ने कहा “भारत टीकाकरण में मजबूत प्रगति कर रहा है और शून्य-डोज़ बच्चों की संख्या कम कर रहा है। हर बच्चे तक पहुँचना प्राथमिकता बनी हुई है, विशेषकर वंचित समुदायों में।” उन्होंने आगे कहा कि रोकथाम पर ध्यान केवल संक्रामक रोगों तक सीमित नहीं होना चाहिए। बचपन में डायबिटीज़, अस्थमा और हृदय रोग जैसी स्थितियों के बढ़ते बोझ के साथ, नियमित जांच, प्रारंभिक पहचान, त्वरित प्रबंधन (मानसिक स्वास्थ्य सहित) और सहायक वातावरण को मजबूत करने की आवश्यकता है।

प्रो. रिहान खान सूरी, निदेशक, CIE, जामिया मिलिया इस्लामिया ने स्वागत भाषण में कहा,“शैक्षणिक संस्थान ज्ञान को व्यवहार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस सहयोग के माध्यम से छात्र सीधे टीकाकरण और बचपन के NCD जैसे जनस्वास्थ्य विषयों से जुड़ते हैं और साक्ष्य-आधारित संचार विकसित करते हैं। रेडियो और डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलकर इन संदेशों की पहुँच और प्रभाव को समुदायों तक बढ़ा सकते हैं।”

कार्यशाला में छात्रों, रेडियो जॉकी, मीडिया पेशेवरों और जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि युवा आवाज़ें विश्वास बनाने, गलत जानकारी का मुकाबला करने और समुदायों में व्यवहार को आकार देने में मदद कर सकती हैं। यह पहल यूनिसेफ इंडिया के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों और मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर साक्ष्य-आधारित संचार को मजबूत करना, जनविश्वास बनाना और सकारात्मक स्वास्थ्य व्यवहारों को समर्थन देना शामिल है।

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