सर्जरी कर दोनों हाथ सही किए, अब अपने बच्चों को गोद में उठा पाएगी महिला

The Department of Plastic, Cosmetic and Hand Microsurgery at Sir Ganga Ram Hospital successfully performed its 2nd bilateral hand transplant on 21st April 2026
The Department of Plastic, Cosmetic and Hand Microsurgery at Sir Ganga Ram Hospital successfully performed its 2nd bilateral hand transplant on 21st April 2026
  • सरगंगाराम अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के कॉस्मेटिक एंड हैंड माइक्रोसर्जरी विभाग में हुई सफल सर्जरी

नई दिल्ली, सेहत संवाददाता

एक मां के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि वह दोनों हाथ न होने की वजह से अपने ही बच्चों को गोद में उठाने से वंचित रह जाएं, 10 से 12 घंटे चली सर्जरी में चिकित्सकों ने यह कमाल कर दिखाया। सर गंगाराम अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में कॉस्मेटिक एंड हैंड माइक्रोसर्जरी में कई विभागों के साथ तालमेल बैठाकर एक मां को उसकी ममता लौटा दी। माइक्रोसर्जरी में हाथों की नसों, टेंडन्स, आर्टिज और एक साथ जुड़ी हुई कई नसों को जोड़ा गया, जिसके बाद महिला को अपने दोनों हाथ वापस मिल गए।

चिकित्सक इसे मॉर्डन रिकंस्ट्रिव माइकोसर्जरी कहते हैं। जिसमें कई बड़ी नसें भी शामिल होती हैं। इस केस महिला के एक हाथ बाजू से नीचे तक के हिस्से को जोड़ना था, जबकि दूसरे हाथ में केवल कलाई, हथेली और अंगूलियों को बनाना था। प्लास्टिक सर्जरी टीम की डॉ अनुभव गुप्ता ने बताया बायलेटिरल यानि दोनों हाथों की एक साथ सर्जरी, एक सर्जिकल प्रक्रिया नहीं है, यह एक सुनियोजित तरीके से अंजाम तक पहुंचाने की प्रक्रिया है, जिसमें हल्की सी भी लापरवाही मरीज के लिए जानलेवा हो सकती है। हमारा उद्देश्य केवल उसके हाथों को जोड़ना भर नहीं था, बल्कि हम चाहते थे कि महिला दोबारा से अपने बच्चों को आत्मविश्वास के साथ फिर से गोद में उठा सके। प्लास्टिक सर्जरी विभाग की टीम डॉ भीम नंदा ने बताया कि टिश्यू जुड़ने की लंबी प्रक्रिया के दौरान रक्तवाहिनी नसों में संचार को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए दक्षता बेहद जरूरी थी, जिससे सटीक परिणाम हासिल हो पाएं। डॉ निखिल झूनझूनवाला ने बताया कि सर्जरी के बाद यानि पोस्ट ऑपरेटिव चरण भी काफी चुनौतीपूर्ण था, जिसमें इम्यूनोसेपरेशन, रिहैब्लिटेशन की प्रक्रिया पूरी निगरानी के तहत की जाती है, यही मॉनिटरिंग मरीज की आने वाली जिंदगी की गुणवत्ता का भी निर्धारण करती है। हैंड रिकंस्ट्रिटिव सर्जरी में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ महेश मंगल की टीम के साथ एनीस्थिसया विभाग की डॉ जया सूद, डॉ राकेश सक्सेना और डॉ अजय सिरोही की अहम भूमिका रही, जिन्होंने महिला की मेटाकूलस इंट्राऑपरेटिव मैनजमेंट को नियंत्रित किया। सर्जरी में ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉ ब्रजेश नंदन, नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ विनांत भार्गव सहित अस्पताल प्रबंधन की टीम में डॉ वरून प्रकाश और डॉ सुचिता कटोच सहित अन्य विभागों का विशेष योगदान रहा।

The Department of Plastic, Cosmetic and Hand Microsurgery at Sir Ganga Ram Hospital successfully performed its 2nd bilateral hand transplant on 21st April 2026
The Department of Plastic, Cosmetic and Hand Microsurgery at Sir Ganga Ram Hospital successfully performed its 2nd bilateral hand transplant on 21st April 2026

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