कम हो रहा है एंटीबायोटिक दवाओं का असर- आईसीएमआर

Recent reports from ICMR and WHO indicate that the effectiveness of antibiotic drugs is declining rapidly. According to WHO, one in every three infections does not respond to common antibiotics.
Recent reports from ICMR and WHO indicate that the effectiveness of antibiotic drugs is declining rapidly. According to WHO, one in every three infections does not respond to common antibiotics.

New Delhi

ICMR और WHO की ताज़ा रिपोर्टें बताती हैं कि एंटीबायोटिक दवाओं का असर तेजी से कम हो रहा है। भारत में 91% तक दवा-रोधी बैक्टीरिया बढ़े हैं और WHO के अनुसार हर तीन में से एक संक्रमण सामान्य एंटीबायोटिक पर असर नहीं दिखाता।

यही कारण है कि पीएम मोदी ने मन की बात में एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल पर चेतावनी दी।

—ICMR रिपोर्ट (भारत, 2025)

– 91% वृद्धि: पिछले कुछ वर्षों में एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया 91% तक बढ़े।

– सुपरबग्स का खतरा: अस्पतालों के OPD, वार्ड और ICU में नई नस्ल के सुपरबग मिले हैं।

– इलाज असफल: कई सामान्य संक्रमणों का इलाज अब विफल हो रहा है।

– कारण: एंटीबायोटिक का गलत और बार-बार इस्तेमाल, बिना डॉक्टरी सलाह दवा लेना।

🌍 WHO की GLASS रिपोर्ट (ग्लोबल, 2025)

– भारत सबसे प्रभावित: WHO की रिपोर्ट के अनुसार भारत में AMR (Antimicrobial Resistance) दर विश्व में सबसे अधिक है।

– 3 में से 1 संक्रमण: भारत में हर तीन में से एक बैक्टीरियल संक्रमण सामान्य एंटीबायोटिक पर असर नहीं दिखाता।

– वैश्विक खतरा: WHO ने चेताया कि एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट बन रहा है।

– जोखिम: सामान्य संक्रमण भी जानलेवा हो सकते हैं; सर्जरी और ICU उपचार असुरक्षित हो सकते हैं।

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⚠️ जोखिम और सावधानियां

– बिना डॉक्टरी सलाह दवा न लें।

– छोटी बीमारियों में एंटीबायोटिक का प्रयोग न करें।

– डॉक्टर द्वारा बताई गई पूरी खुराक लें, बीच में दवा बंद न करें।

– स्वच्छता और टीकाकरण से संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है।

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