नई दिल्ली
राजधानी में दोपहर का पारा धीरे धीरे कम हो रहा है, इसके साथ ही रात के तापमान में भी कमी देखी जा रही है। सर्दियों के साथ ही दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की चादर चारों ओर फैल जाती, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। जो लोग पहले से सांस की तकलीफ दमा या फिर अस्थमा के मरीज हैं, उनके अलावा रोज मर्रा काम के लिए बाहर निकलने वाले युवा भी प्रदूषण के प्रभाव से अछूते नहीं रहते। आंखे में जलन, चुभन या फिर पानी आना भी प्रदूषण की वजह से हो सकता है। राजधानी के राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML Hospital ) में प्रदूषण से जुड़ी हर तरह की परेशानी के लिए सप्ताह में एक दिन विशेष क्लीनिक (POLLUTION RELATED ILLNESSES CLINIC) चलाया जाएगा। जहां प्रदूषण से जुड़ी ऐसी किसी भी समस्या का इलाज पाया जा सकता है।
आरएमएल अस्पताल के हर सोमवार को दोपहर दो बजे से चार बजे तक कमरा नंबर एक से पांच ग्राउंड फ्लोर पर प्रदूषण से जुड़ी परेशानी का हल पाया जा सकता है। क्लीनिक को विशेषज्ञों की टी के साथ पूरी क्षमता के साथ संचालिन करना शुरू कर दिया गया है। पॉल्यूशन क्लीनिक के इंचार्ज डॉ़ अमित सूरी ने बताया कि क्लीनिक में प्रदूषण से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए संपर्क किया जा सकता है, जहां विशेषज्ञों की टीम को जरूरी उपकरण के साथ इलाज के लिए नियुक्त किया गया है। क्लीनिक में आने वाले सभी मरीजों को उनके लक्ष्ण के आधार पर आंख, कान, त्वचा या फिर मनोवैज्ञानिकों के पास रेफर किया जाएगा, जिससे परेशानी में जरूरी सलाह दी जा सके। इसके साथ ही मरीजों को इस बात की भी सलाह दी जाएगी कि वह खुद को प्रदूषण की वजह से होने वाले दुष्प्रभाव से कैसे बचा सकते हैं। पॉल्यूशन क्लीनिक शुरू होने से मरीज को शुरूआती चरण में ही प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं से बचाया जा सकेगा। इसमें सबसे अहम प्रदूषण की वजह से खांसी, जुकाम, सिरदर्द, नजला या फिर सांस लेने में दिक्कत आदि परेशानियां हो सकती है। क्योंकि दिल्ली एनसीआर में कामकाजी युवा लैपटॉप पर अधिक देर तक काम करते हैं इसलिए उन्हें ड्राई आई की शिकायत भी रहती है, प्रदूषण के संपर्क में आने पर उन्हें आंखों से पानी आने की शिकायत भी बढ़ जाती है।
दिल्ली एनसीआर में दशहरे के बाद से ही हवा की गुणवत्ता में कमी देखी गई, एसपीएम का स्तर बढ़ने की वजह से डीजल और पेट्रोल की 15 व दस साल पूरानी गाड़ियों पर भी पाबंदिया सख्त कर दी गई हैं, दिवाली के बाद यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस लिहाज से आरएमएल का पॉल्यूशन क्लीनिक निश्चित रूप से मरीजों के काम आएगा।